What is computer ? | कम्प्यूटर क्या है | कम्प्यूटर के प्रकार और उसकी विशेषताएं | जाने अब हिंदी में

कंप्यूटर का परिचय 

 हमारे दैनिक जीवन में कंप्यूटर का महत्त्व दिन प्रतिदिन बढता जा रहा है समय के साथ जैसे जैसे हर क्षेत्र में टेक्नोलॉजी आती जा रही है वैसे ही हर क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग भी बढता जा रहा है फिर चाहे हमें बैंक में रूपये जमा करने हो या बैंक में जमा रुपये निकलने हो और बिजली के बिलों का भुगतान करना हो या रेल टिकटों को ऑनलाइन बुक करना हो या मौसम का हाल जानना हो हर क्षेत्र में कंप्यूटर अधिक उपयोगी हो गया है |



कंप्यूटर  एक इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस है जिसकी उत्पत्ति कंप्यूट शब्द से हुई है और कंप्यूटर को संगणक भी कहते है क्योंकि यह अंकगणितीय और बीजगणितीय गणनाएं भी कर सकता है कंप्यूटर यूजर द्वारा दिए गए इनपुट पर प्रोसेस करके आउटपुट प्रदान करता है। 

कंप्यूटर के प्रकार 

मुख्यतः कंप्यूटर के निम्न प्रकार होते है 

  1. एनालॉग कंप्यूटर - इन कंप्यूटर का उपयोग अधिकतर चिकित्सा विभाग में किया जाता है |
  2. डिजिटल कंप्यूटर - डिजिटल कंप्यूटर वह कंप्यूटर है जिनका उपयोग आज कल अधिक क्षेत्रो में पसंद किया जाता है क्योकि यह कंप्यूटर बहुत तेज होते है और किसी भी काम को बहुत जल्दी और आसानी से कर सकते है क्योकि यह कंप्यूटर न्यू डिजिटल टेक्नोलॉजी पर डिजाईन और assemble यानी तैयार किये जाते है और इन कंप्यूटर में माइक्रो प्रोसेसर का उपयोग भी किया जाता है और यह कंप्यूटर लाखो इंस्ट्रक्शन को एक सेकंड में कैलकुलेट करके आउटपुट प्रदान करने में कुशल होते है इसीलिए इन computers का उपयोग  कंप्यूटर users ज्यादा पसंद करते है |   
डिजिटल कंप्यूटर को भी चार भागो में विभाजित किया गया है -
  • माइक्रो कंप्यूटर - माइक्रो कंप्यूटर में जो processer उपयोग होता है वह बहुत छोटा होता है इसीलिए इन्हें माइक्रो कंप्यूटर कहते है माइक्रो कंप्यूटर पर एक बार में सिर्फ एक ही यूजर काम कर सकता है अर्थात यह कंप्यूटर सिंगल यूजर के लिए होते है माइक्रो कंप्यूटर के कुछ निम्न उदाहरण भी है जैसे - डेस्कटॉप ,लैपटॉप ,pamtop ,नोटबुक tabulate इत्यादि |
  • मिनी कंप्यूटर - मिनी कंप्यूटर का processer माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा होता है और मिनी कंप्यूटर पर एक साथ कई यूजर काम कर सकते है यानी मिनी कंप्यूटर multi यूजर डिवाइस है इसीलिए इन कंप्यूटर का उपयोग ज्यादातर ऐसी जगह पर किया जाता है जहाँ पर कम समय में ज्यादा आउटपुट प्राप्त करना होता है जैसे - वेबसाइट डिजाइनिंग कंपनी और ग्राफ़िक्स डिजाइनिंग कंपनी और आईटी कंपनी इत्यादि |

 
  •  मेन फ्रेम कंप्यूटर - मेन फ्रेम कंप्यूटर में जो processer होता है वह माइक्रो और मिनी कंप्यूटर से बड़ा होता है और मेन फ्रेम कंप्यूटर multi users और multi टास्किंग होते है यानी यह कंप्यूटर एक बार में एक साथ कई काम यानी कई टास्क को पूरा कर सकते है | 
  • सुपर कंप्यूटर - सुपर कंप्यूटर सबसे तेज गणना करने वाला यन्त्र है क्योकि इसमें उपयोग होने वाला processer  अन्य कंप्यूटर कि तुलना में बड़ा होता है और सुपर कंप्यूटर कि प्रोसेसिंग क्षमता भी अन्य कंप्यूटर कि तुलना में अधिक होती है और सुपर कंप्यूटर भी मिनी और मेन फ्रेम कंप्यूटर कि तरह multi यूजर होते है यानी सुपर कंप्यूटर पर एक साथ कई लोग काम कर सकते है सुपर कंप्यूटर का आकार एक कमरे के बराबर होता है | भारत का पहला सुपर कंप्यूटर  परम -10000  है और  CRAY - I विश्व का पहला सुपर कंप्यूटर है | 
  • हाइब्रिड कंप्यूटर - एनालॉग तथा डिजिटल कंप्यूटर के मिलने पर हाइब्रिड कंप्यूटर का निर्माण होता है और हाइब्रिड कंप्यूटर का उपयोग ज्यादातर हॉस्पिटल में किया जाता है क्योकि वहां पर एनालॉग तथा डिजिटल दोनों कंप्यूटर के डाटा को मैनेज करना होता है इसीलिए हॉस्पिटल में हाइब्रिड कंप्यूटर का उपयोग होता है |

कंप्यूटर की विशेषताये

स्पीड – आज कल जैसे जैसे टेक्नोलॉजी बढती जा रही है वैसे ही कंप्यूटर का आकार तो कम होता जा रहा है लेकिन कंप्यूटर कि स्पीड पहले कि अपेक्षा कई गुना बढ चुकी है यानी कंप्यूटर किसी भी काम को बहुत तेजी के साथ कुछ ही सेकंड में पूरा कर सकता है कंप्यूटर कि स्पीड अब इतनी ज्यादा बढ चुकी है कि वह बड़ी से बड़ी गणनाओ को कुछ ही सेकंड में पूरा कर सकते है और वही दूसरी ओर इन्ही गणनाओ को करने में व्यक्ति को घंटो काम करना पड़ता है जिन्हें कंप्यूटर कुछ ही सेकंड में पूरा कर सकता है | 

भण्डारण क्षमता – कंप्यूटर की भण्डारण क्षमता बहुत अधिक होती है | कंप्यूटर बहुत अधिक मात्रा में डाटा और जानकारी को एकत्रित करके रख सकता है और कंप्यूटर में स्वयं की एक अन्तर्निहित मेमोरी भी होती है जिससे यह बहुत अधिक मात्रा में डाटा और जानकारियों को एकत्रित करके रखता है और हम कंप्यूटर में बाहरी ( External ) / सेकंड्री डिवाइस जैसे – pen drive ,  हार्ड डिस्क , फ्लॉपी डिस्क इत्यादि को जोड़कर डाटा और जानकारियों को एकत्रित कर सकते है और external डिवाइस में एकत्रित डाटा और जानकारियों को अन्य दूसरे कंप्यूटर पर एक्सेस किया जा सकता है यानी देखा जा सकता है |





बर्सेलिटी – कंप्यूटर एक साथ एक ही समय में कई सारे काम भी कर सकता है जैसे – डॉक्यूमेंट प्रिंट करना ,विडियो चलाना ,म्यूजिक प्ले करना ,ऑनलाइन पेमेंट जैसे – ऑनलाइन बिजली का बिल जमा इत्यादि |

शुद्धता – कंप्यूटर किसी भी काम को करने में या गणना करने में कभी भी कोई गलती नही करता है क्योकि कंप्यूटर कि शुद्धता यानी एक्यूरेसी बहुत अधिक होती है कंप्यूटर द्वारा कोई भी गलती जब होती है तब व्यक्ति या यूजर द्वारा कंप्यूटर को कोई गलत इनपुट या इंस्ट्रक्शन  या कमांड दी जाती है

डिलीगेन्स – कंप्यूटर सभी गणनायें और अन्य कामो को बिना रुके तथा बिना थके पूरा कर सकता है क्योकि कंप्यूटर को कभी भी थकान महसूस नही होती है इसीलिए यह बिना रुके तथा बिना थके सभी कार्य बिना गलती किये करने में सक्षम होता है जिससे मानव शक्ति की कम आवश्यकता होती है |


आज कि इस पोस्ट में हमने अपने दैनिक जीवन में कंप्यूटर के महत्व के बारे में जाना और कंप्यूटर के प्रकार तथा विशेषताओ के बारे में भी जाना तो मेरे द्वारा इस पोस्ट में दी गई जानकारी यदि आपको पसंद आयी हो तो मेरा आपसे विन्रम विनेदन है कि आप मेरे द्वारा इस पोस्ट में दी गई जानकारी को अपने सभी दोस्तों और रिश्तेदारों तक पहुचाये जिससे कि उन्हें भी अपने दैनिक जीवन में कंप्यूटर के महत्त्व का पता चल सके |


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