Generation of Computer | कंप्यूटर के जेनरेशन | Apna computer gyan

 हेलो दोस्तों आज कि इस पोस्ट में हम कंप्यूटर के जनरेशन के बारे में जानेंगे क्योंकि कंप्यूटर को उनकी जेनरेशन यानी पीढ़ी के आधार पर कई भागों में विभाजित किया जाता है और कंप्यूटर की जेनरेशन को कंप्यूटर में समय के साथ साथ इस्तेमाल होने वाली तकनीक के आधार पर आज कि इस पोस्ट में हम जानेंगे कि कंप्यूटर के क्षेत्र में कैसे पीढ़ी दर पीढ़ी नई नई तकनीक का उपयोग करके कंप्यूटर को कैसे एक नया रूप दिया गया 


प्रथम जनरेशन - प्रथम जेनरेशन में वैक्यूम ट्यूब तकनीक का इस्तेमाल करके कंप्यूटर को बनाया गया था जिस कारण से इनका आकार बहुत ज्यादा था और यह जेनरेशन 1945 से 1955 तक रही थी ।


द्वितीय जनरेशन - यह जेनरेशन 1955 से 1964 तक रही जिसमे ट्रांजिस्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके कंप्यूटर को बनाया गया था जिससे कंप्यूटर का आकार थोड़ा छोटा और स्पीड थोड़ी तेज हो गई थी ।





तृतीय जनरेशन - यह जनरेशन 1964 से 1974 तक रही और इस जनरेशन के कंप्यूटर में IC ( इंटीग्रेटेड सर्किट ) का इस्तेमाल किया गया था जिससे कि पहले की जनरेशन के कंप्यूटर की तुलना में इस जनरेशन के कंप्यूटर का आकार तथा स्पीड और भी तेज हो गई थी ।


चतुर्थ जनरेशन - इस जनरेशन में कंप्यूटर को और बेहतर बनाने के लिए कंप्यूटर के अंदर माइक्रो प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया जिससे इनका आकार ओर छोटा हो गया और इनकी स्पीड पहले की अपेक्षा और अधिक हो गई और यह जनरेशन 1975 से 1989 तक चली ।


पंचम जनरेशन - इस जनरेशन के कंप्यूटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और IQ level का इस्तेमाल किया जाता है जिससे की कंप्यूटर को स्वचालित बुद्धिमता वाला बनाया जा सके और इस जनरेशन के कंप्यूटर का इस्तेमाल हम 1989 से अभी तक कर रहे है।


आज कि इस पोस्ट में हम कंप्यूटर के जनरेशन के बारे में जाना और मैं आशा करता हूं कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी ।


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